मोपका आर आई निखिल झा ध्यान दें ! विजेंद्र मिश्रा नामक व्यक्ति मोपका प. ह. न. ,19/29 खसरा न. 993/1, 994/1 का फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच रहा है। तत्कालीन एसडीएम तुलाराम भारद्वाज ने लगाई थी इस जमीन पर बैन : तपन गोस्वामी [editor-in-chief ]
1 min read
बिलासपुर ( 04 मई 2023) [तपन गोस्वामी द्वारा ] लगता है मोपका के वर्तमान आर आई निखिल झा भू माफियाओं द्वारा की जा रही सरकारी एवं प्रतिबंधित भूमियों की खरीदी बिक्री करने के खिलाफ सामान्य कार्यवाही करने पर भी अपने आप को असहाय महसूस कर रहे हैं। इसका कारण उन पर भू माफियाओं का जबरदस्त दबाव माना जा रहा है। हमारे 27 अप्रैल 2023 के समाचार में यह इंगित किया गया था कि वहां के एक फर्जी समिति के फर्जी अध्यक्ष अशोक गोरख द्वारा मोपका की सरकारी जमीनों के फर्जी दस्तावेज बनाकर उसके सीमांकन की तैयारी चल रही थी। हमारे समाचार प्रकाशन की बात तहसीलदार अतुल वैष्णव ने उस पर कार्यवाही की। अब एक नया प्रकरण आया है जिसमें विजेंद्र मिश्रा नामक एक फर्जी जमीन मालिक बनकर मोपका की सरकारी एवम प्रतिबंधित जमीन प. ह. न. 19/29 खसरा न. 993/1,994/1 रकवा 9000 वर्ग फुट को किसी अर्पण अग्रवाल को बेचने की तैयारी कर रहे हैं। अब इस फर्जी भूमि मालिक विजेंद्र मिश्रा का फर्जीवाड़ा देखिए मोपका कि इस सरकारी प्रतिबंधित बेशकीमती जमीन को बेचने के लिए उन्होंने बिलासपुर तहसील से ऐसा कूट रचित दस्तावेज तैयार करवाया जिसमें नगोई खार बाईपास की जमीन जिसका के खसरा नंबर 1789/2 रकवा 2560 वर्ग फुट है उसे प. ह. 19/29 में अटैच कर दिया। और विजेंद्र मिश्रा शासन को धोखा देकर मोपका की सरकारी एवम प्रतिबंधित जमीन 993/1, 994/1 रकवा 9000 वर्ग फुट की सरकारी जमीन अर्पण अग्रवाल को बेचने का प्रयास कर रहा है। अर्थात एक ही दस्तावेज से दो जमीन। मोपका की इस सरकारी जमीन को बेचने के लिए फर्जी विक्रेता विजेंद्र मिश्रा का साथ एक भू माफिया दे रहा है। क्योंकि तत्कालीन एसडीएम तुलाराम भारद्वाज ने मोपका के पटवारी हल्का नंबर 19/29 खसरा न. 993, 994 को क्रय विक्रय के लिए प्रतिबंधित किया था। ( ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क )

