*पुरानी गाड़ियों के अवैध खरीदी बिक्री का जाल पूरे शहर में। रोड के किनारे प्रतिदिन होता है करोड़ों का व्यापार सरकार को एक धेला भी टैक्स नहीं मिलता। प्रशासन ध्यान दें : तपन गोस्वामी [एडिटर इन चीफ ]*
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बिलासपुर (27 दिसंबर 2024) [तपन गोस्वामी द्वारा] पूरा शहर अवैध रूप से पुरानी गाड़ियों की खरीदी बिक्री करने वाले व्यापारियों के मकर जाल में उलझ चुका है। जरहभाटा के व्यस्ततम इलाका, व्यापार विहार, रिंग रोड नंबर 2, सरकंडा बसंत विहार चौक से आगे, मंगला चौक, उसलापुर चौक शहर के चारों तरफ रोड के किनारे पुराने गाड़ियों के खरीद बिक्री का अवैध व्यापार देखने को मिलती है। हमने अपने तहकीकात में पाया कि यह सेकंड हैंड गाड़ियों का व्यवसाय है वह पूरी तरह अवैध है। क्योंकि किसी भी व्यक्ति को इस तरह सेकंड हैंड गाड़ियों के खरीदी बिक्री की इजाजत नहीं है। इसके लिए फॉर्म पंजीकरण के साथ ही जीएसटी प्रमाण पत्र और वर्तमान में उनके यहां कितनी गाड़ियां खड़ी है, उसके इंजन एवं चेसिस नंबर का उल्लेख करते हुए सभी का ट्रेसिंग करते हुए इसकी विधिवत रूप से जानकारी आरटीओ को देनी पड़ती है। जिसमें बैंक हाइपोथैकेशन की जानकारी भी रहती है। हाइपोथैकेशन रहने पर संबंधित बैंक या फाइनेंस कंपनी का पूरा ड्यूज क्लियर करने के बाद ही वहां के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट से हाइपोथैकेशन हटेगा। और तब जाकर बैंक या फाइनेंस कंपनी का एन ओ सी आने पर ही आप गाड़ी को बेच सकते है। बिलासपुर में ऐसे कई प्रकरण सामने आए हैं जिसमें रोड के किनारे इस तरह से सेकंड हैंड गाड़ियों के खरीद बिक्री करने वाले फर्जी रूप से कूट रचनाकर हाइपोथैकेशन हटा देते हैं। परंतु बैंक वाले जब रिकवरी करने वाले एजेंट को भेजते हैं तब मामला खुलता है। शहर में प्रतिदिन करोड़ों रुपए के सेकंड हैंड गाड़ियों की खरीदी बिक्री होती है। परंतु शासन को टैक्स के रूप में एक धेला भी नहीं मिलता। इसका फायदा सिर्फ बीच वाला ही उठता है। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि शहर के 60% सरकारी जमीनों पर सेकंड हैंड गाड़ियां बेचने वाले हाट बाजार लगाते है। परंतु टैक्स के नाम से जीरो। इस जगह पर प्रॉपर फायर फाइटिंग सिस्टम भी नहीं लगे हैं। और न ही नगर निगम का अनापत्ति प्रमाण पत्र इनके पासहै। जिला प्रशासन के कई बड़े अधिकारी प्रतिदिन सेकंड हैंड गाड़ियों के खरीदी स्थल से गुजरते हैं परंतु कभी भी इस तरह चल रहे अवैध व्यापार के विषय में जानकारी लेने का प्रयास नहीं किया। (ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क)

