मस्तूरी! जमीनों पर गुंडों की दबंगई। कोई कहता मैं नागेंद्र राय का आदमी हूं कोई कहता मैं टांकेश्वर पाटले का आदमी हूं। एसईसीएल, एनटीपीसी के कर्मी है परेशान : तपन गोस्वामी [ एडिटर इन चीफ ]
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बिलासपुर ( 23 फरवरी 2022) [ तपन गोस्वामी द्वारा ] शांत एवं आस्था की नगरी कहे जाने वाले मस्तूरी पूरी तरह अशांत होने के कागार में है। दर्रीघाट एवं लाल खदान से लगे होने के कारण मस्तूरी में यहां के राजनैतिक पार्टी एवं नेताओं का काफी दबदबा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राजनैतिक हस्तियों के गुर्गों का कार्यक्षेत्र दर्रीघाट लाल खदान से मस्तूरी तक फैल गया है। पौराणिक नगरी की मान्यता के कारण एसईसीएल एवं एनटीपीसी के कई कर्मचारी पूर्व में यहां जमीन खरीद कर रखे हैं। रिटायर्ड के बाद जब वह मकान बनाने की इच्छा लेकर मस्तूरी पहुंचते हैं और अपनी जमीन कि जानकारी लेते है तो उन्हें पता लगता है कि उनकी जमीन के फर्जी कागजात बनाकर भू माफिया द्वारा किसी दूसरे को बेच दी गई और कई जमीनों पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। एसईसीएल के हसदेव एरिया से रिटायर्ड होकर आए जेके चक्रवर्ती की 27 डे.मी. जमीन पर जरहाभाटा का कोई गुंडा कब्जा कर रखा है पूछने पर वह कहता है कि मैं लाल खदान के नागेंद्र राय का आदमी हूं। और तुम्हारे जमीन पर कब्जा हो गया है। इसी तरह मस्तूरी से लगी एक जमीन जोकि चिरमिरी एसईसीएल रिटायर्ड महापात्र का है उसे फर्जी कागजात बनाकर बेच दिया गया परेशान प्रशांत महापात्र ने बताया कि कोई नेता है जिसका नाम टकेश्वर पाटले हैं उनका आदमी उसे खरीदा है। परेशान एसईसीएल कर्मी जब मस्तूरी थाने गए तो वहां के स्टाफ ने बताया कि मामला राजस्व का है इस कारण आप बिलासपुर तहसील में शिकायत करें। इस तरह के और भी कई प्रमाण है। रिटायर्ड एसईसीएल कर्मियों को इन भू माफियाओं के गुर्गों से धमकी भी मिल रही है। दर्रीघाट लाल खदान एवं मस्तूरी में बढ़ती गुंडागर्दी एवं दबंगई से भयभीत सरकारी कर्मचारी अब यहां जमीन लेने से कतरा रहे हैं। ( ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क )

