*मस्तूरी गोलीकांड। तेरह राउंड फायर परंतु डेथ बुलेट नहीं। टार्गेट फायर में इतने राउंड में शरीर के टुकड़े हवा में उड़ते। पुलिस को घायल रितेश सिंह एवं एवं राजू सिंह के हिस्ट्री जियोग्राफी निकालने की जरूरत है : तपन गोस्वामी [एडिटर इन चीफ ] *
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बिलासपुर (29 अक्टूबर 2025) [तपन गोस्वामी द्वारा] बीते कल अर्थात मंगलवार की शाम कुछ बदमाशों ने मस्तूरी जनपद उपाध्यक्ष नितेश सिंह के निजी कार्यालय में अंधाधुंध गोलियां की बौछार कर दी जिसमें मस्तूरी गांव के निकट स्थित मूढ़पार के भूतपूर्व सरपंच चंद्रकांत सिंह के हाथ और उनके एक रिश्तेदार राजकुमार सिंह के पैर में गोली लगी है। और दोनों ही खतरे से बाहर है। परंतु सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि शूटर टार्गेट किलर थे तो तेरह राउंड फायर वह टार्गेट के हाथ पैर में मारने नहीं आए थे। टार्गेट किलर हमेशा सर में ही पहली गोली मारती है। यह सब तो अब पुलिस के इन्वेस्टिगेशन का विषय है। परंतु बिलासपुर के इतिहास में पहले लाल खदान आए दिन रक्त रंजित हुआ करती थी। लाल खदान का सरपंच दरसराम साहू की टारगेट प्लानिंग मर्डर को पुराने आदमी अभी भी याद करते हैं। मस्तूरी गोलीकांड में पुलिस की मल्टी एंगल खोजबीन जारी है। कुछ संदेहियों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। परंतु कल के फायरिंग के बाद बिलासपुर, लाल खदान, मस्तूरी, जांजगीर-चंपा के हिस्ट्रीशीटर अपने-अपने मांद मैं छुप गए हैं। हमारी न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन टीम इस घटना पर नजर बनाए हुए हैं और जल्द ही एक व्यापक रिपोर्ट आपके सामने पेश करेगी। (ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क)

