रायपुर का इस्लामिक कोर्ट है फर्जी। छ.ग हाईकोर्ट ने कथित इस्लामिक कोर्ट के निर्णय पर लगाई रोक। शेरनी मुस्लिम बहन एवं केस के हीरो अधिवक्ता देवर्षि ठाकुर को सैल्यूट : तपन गोस्वामी [ एडिटर इन चीफ]
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बिलासपुर ( 22 फरवरी 2022 )[ तपन गोस्वामी द्वारा] रायपुर में फर्जी तौर पर संचालन कर मुस्लिम महिलाओं को अवैधानिक रूप से तीन तलाक का आदेश जारी करने वाले इरादा ए शरिया के वैधानिकता पर सवाल उठाते हुए छ.ग. हाई कोर्ट के सिंगल बेंच के मान, न्यायाधीश पी. सैम कोसी ने सभी आदेशों पर रोक लगाते हुए इस कोर्ट की वैधानिकता के संबंध में केंद्र सरकार, राज्य सरकार एवं कथित इस्लामिक कोर्ट के कर्ता-धर्ता को नोटिस जारी किया है। देश में जहां तीन तलाक को अवैधानिक घोषित करते हुए मुस्लिम महिलाओं को सम्मान के साथ जीने के लिए नए कानून बनाए गए वही रायपुर में प्रशासन के नाक के नीचे यह फर्जी इस्लामिक कोर्ट धड़ाधड़ तीन तलाक का आदेश जारी कर रहा है। परंतु इस फर्जी कोर्ट के फर्जी न्यायाधीश को शायद पता नहीं कि आजकल मुस्लिम महिलाएं सेना एवं पुलिस के बड़े बड़े अधिकारी बनने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट में जज बन रहे हैं। रायपुर की एक मुस्लिम महिला ने अपने खिलाफ तीन तलाक के फर्जी आदेश पर बिलासपुर के अधिवक्ता देवर्षि ठाकुर के माध्यम से हाईकोर्ट में चैलेंज किया और कथित इस्लामिक कोर्ट की बखिया उधेड़ दी। हाई कोर्ट के आदेश के बाद रायपुर के कलेक्टर एवं एसपी अब इस इस्लामिक कोर्ट की वैधानिकता की जांच शुरू कर दी। ( ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क )

