सरकंडा का जैन धर्मशाला फर्जी रजिस्ट्री के दस्तावेज पर बनकर खड़ा है। नगर निगम के ठग राज इंजी सुरेश बरूआ, जैन पो के पंचायती, श्रीमती संध्या, भूपेंद्र चंदेरिया एवं पटवारी बाकरे का महा ठग गठ बंधन : तपन गोस्वामी [ एडिटर इन चीफ ]
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3बिलासपुर ( 19 मई 2022 ) [ तपन गोस्वामी द्वारा ] यह फोटोग्राफ सरकंडा के चटर्जी गली स्थित जैन धर्मशाला का है। जिसका आधार ही फर्जी दस्तावेज एवं फर्जी रजिस्ट्री है। जैन धर्म एक उत्कृष्ट धार्मिक मान्यता के मार्ग पर चलने वाला धर्म शास्त्र है। आज यहां देश के कोने कोने से यह समाचार आ रही है कि जैन परिवार अपने अरबों खरबो की संपत्ति छोड़कर अपने परिवार के सदस्यों के साथ कठिन जैन धर्म ग्रहण कर रहे हैं वही बिलासपुर में अपने आपको जैन धर्म के महा अनुआई कहे जाने वाले फर्जी एवं भ्रष्ट भूपेंद्र चंदेरिया एवं नगर निगम के तथाकथित इंजी जैन पीके पंचायती ने किस तरह सरकंडा चटर्जी गली के प. ह.न. 32 खसरा न.1125/66 रकवा 0.015 जो कभी स्वपन कुमार एवं श्रीमती संध्या के नाम पर थी ही नहीं सरकंडा पटवारी बाकरे से मिलकर फर्जी दस्तावेज बनाकर स्वपन कुमार के नाम चढ़ा कर उनके मृत्यु के पश्चात जमीनों के महा ठग मैडम श्रीमती संध्या के नाम कर निगम के कुख्यात इंजीनियर सुरेश बरुआ से नक्शा तैयार एवं पास करा कर उन्हीं की स्वीकृति से चटर्जी गली में मल्टी स्टोरेज बिल्डिंग बना लिया। परंतु यह जांच का विषय है ?जहां शुरू से ही स्वपन कुमार के नाम से कोई दस्तावेज नहीं था तो अचानक कैसे उनका नाम चढ़ गया? यह सब करामात है भूपेंद्र चंदेरिया एवं पटवारी बाकरे का और बाकी काम उक्त फर्जी गैंग ने करवा दिया। पवित्र जैन धर्म के उपाशक को जब इस धर्म शाला की असलियत के विषय में पता चलेगा तो क्या वे इस कलंकित धर्मशाला में उपासना करने आएंगे ? ( ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क )

