बिलासपुर पुलिस नए साल में शहर में आतंक के पर्याय बन चुके गुंडे बदमाशों को जिला बदर एवं गुंडा लिस्ट का देगी तोहफा। पुलिस की खुफिया तंत्र होगी मजबूत। तोरवा, आरके नगर, जरहाभाटा, तालापारा, मंगला, लाल खदान, सकरी, कोनी पर रहेगी विशेष नजर : तपन गोस्वामी [editor-in-chief ]
1 min read
बिलासपुर (20 सितंबर 2022 ) [तपन गोस्वामी द्वारा ] सन 2022 बिलासपुर पुलिस के लिए कुछ अच्छा नहीं रहा। इस वर्ष लगातार हत्या, अपहरण, लूट, डकैती एवं धोखाधड़ी का सिलसिला पुलिस को परेशान करने वाली बात रही। शहर में जितने भी हत्या, अपहरण एवं धोखाधड़ी की घटनाएं हुई उनका सीधा संबंध भू माफियाओं एवं जमीन दलालों से ही रहा। शहर का बहुचर्चित संजू त्रिपाठी हत्याकांड का मर्डर मोटिव भी जमीन से ही संबंधित रहा। और यूपी से शूटर बुलाकर संजू त्रिपाठी की सरे राह हत्या की घटना को अंजाम दे दिया गया। अभी तक क्राइम सीन के एक्शन शूटर को पकड़ा नहीं जा सका है। क्योंकि यह मर्डर प्लानिंग पुराना अपराधी जय नारायण त्रिपाठी द्वारा बनाया गया था। और जय नारायण त्रिपाठी की खासियत है कि वह एक पेशेवर अपराधी है और अपराध घटित होने के बाद की स्थिति पर अधिक ध्यान देकर प्लानिंग बनाता है और उसके बाद घटना को अंजाम देता है। इस प्रकरण में शूटर एवं पिस्टल के बारे में जय नारायण त्रिपाठी एवं उसके साथियों ने जो भी जानकारी दी वह सभी झूठी निकली और सभी जानकारी पुलिस को भ्रमित करने वाली थी। अब सन 2023 में बिलासपुर पुलिस शहर के खतरनाक अपराधियों के विषय में कोई रिस्क लेना नहीं चाहेगी। शहर में लगातार आतंक फैलाने वाले अपराधियों, बदमाशों की जांच अब निश्चित रूप से मल्टी एंगल पर होगी। और यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा की गुंडे बदमाशों की फैमिली हिस्ट्री में कौन स्लीपिंग क्रिमिनल पार्टनर है। जो घर से गुंडों को गाइड कर रहा है। जैसे कि संजू त्रिपाठी हत्या केस में जय नारायण त्रिपाठी स्लीपिंग क्रिमिनल पार्टनर थे। हाल ही में जेल से छूट कर आए गुंडे बदमाशों के आउट ड्यूटी एवं इन ड्यूटी एक्टिविटीज पर भी पुलिस की खुफिया नजर रहेगी। सन 2023 का वर्ष चुनावी वर्ष है। इस कारण पुलिस जनवरी माह से ही एक्शन में रहेगी। पुलिस की विशेष नजर तोरबा, आरके नगर, जरहभाटा, तालापारा, मंगला, लाल खदान, सकरी, मस्तूरी, कोनी पर रहेगी। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में दबे हथियारों के संबंध में पुलिस को पूर्व में महत्वपूर्ण जानकारी मिल चुकी है अब निश्चित तौर पर उस पर एक्शन होगा। कुल मिलाकर पुलिस को सन 2022 में घटित गंभीर अपराधों की इंवेस्टिगेशन में जो महत्वपूर्ण सूत्र मिले है वह सन 2023 में गुंडे बदमाशों को जेल पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। (ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क )

