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एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट का पुनर्गठन। ट्रेंड एवं अन ट्रेंड 14 पुलिस स्टाफ ए सी सी यू में पदस्थ। जुआ, सट्टा, शराब की धड़ पकड़ छोड़कर स्पेशल क्राइम इन्वेस्टीगेशन पर ध्यान देना जरूरी: तपन गोस्वामी [एडिटर इन चीफ ]

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बिलासपुर (14 मार्च 2026) [तपन गोस्वामी द्वारा] राज्य के पूर्व वर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा गठित की गई एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट ( ए सी सी यू) कोई बेहतर परिणाम नहीं दे पाए। हालांकि तत्कालीन डी जी पी द्वारा गठित एंटी क्राइम और साइबर यूनिट बनाने का उद्देश्य यह था कि क्राइम का स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टिगेशन। इस इन्वेस्टिगेशन यूनिट का गठन पूरे राज्य में हुआ। आम आदमी भी इसी सोच में थी कि यह स्पेशल क्राइम इन्वेस्टीगेशन टीम अनसुलझे प्रकरणों को प्रोफेशनल ढंग से सुलझाएगी। परंतु ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। इस यूनिट के स्टाफ जुआ, सट्टा,दारू पकड़ने तक ही सीमित रहे। और इसमें इस टीम ने अपनी काफी फजीहत भी की। बिलासपुर के ए सी सी यू में एक स्टाफ था जो की गौरेला से यहां आकर जॉइनिंग की थी। इसी स्टाफ के इतने उल्टे सीधे कारनामे आए थे कि जिससे परेशान होकर पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा यहां से हटा दिया गया था। परंतु पिछले दिनों वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने 14 पुलिस स्टाफ को लंबे इंटरव्यू एवं उनके अनुभव के आधार पर एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट में पदस्थ कर दी। इनके नाम है वीरेंद्र धनकर, मुकेश शर्मा, दरसराम यादव, समर बहादुर सिंह, राकेश कुमार साहू, वीरेंद्र कुमार राजपूत, भास्कर साहू, प्रफुल्ल कुमार यादव, धीरेंद्र कुमार तोमर, राकेश यादव, आशीष राठौर, मेहतर लाल कश्यप एवं योगेश साहू। यह स्पेशल क्राइम इन्वेस्टीगेशन टीम पूरी तरह से एडिशनल एसपी (सिटी) के नेतृत्व में काम करेगी। यह नवगठित टीम पुराने पेंडिंग प्रकरणों को भी सुलझाने के साथ ही शहर एवं शहर के बाहर किराए के मकान में रहने वाले बाहरी व्यक्तियों का बायोडाटा एकत्र करने के साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों के गतिविधियों पर नजर रखेगी। जेल से सजा काटकर बाहर निकले अपराधियों एवं जमानत पर छूट कर आए आरोपियों के गतिविधियों पर भी ए सी सी यू की टीम निगरानी रखेगी। ( ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेट वर्क)

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