सिंधी कॉलोनी स्थित धन गुरु नानक दरबार का मामला। हरियाणा का एक हिस्ट्रीशीटर मनिंदर सिंह खालसा बिलासपुर में कर रहा है अवैध वसूली एवं महिलाओं को ब्लैकमेलिंग। इस कथित गुरुद्वारा का पूरा भवन ही बना है अवैध निर्माण पर : तपन गोस्वामी [editor in chief]
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बिलासपुर (07 अप्रैल 2026 ) [तपन गोस्वामी द्वारा] कुछ साल पहले स्थानीय सिंधी कॉलोनी में रातों-रात एक गुरुद्वारे का निर्माण किया गया। जिसका नाम धन गुरु नानक दरबार है। प्रारंभ से ही यह कथित गुरुद्वारा संदेह के दायरे में था। इसका कारण यह है कि इस गुरुद्वारे के निर्माण में शहर के स्थानीय लोग नहीं बल्कि हरियाणा से आए एक दल ने सिंधी कॉलोनी के मुख्य मार्ग में स्थित इस वेश कीमती जमीन को कौड़ियों के दाम खरीद कर यहां रातों-रात एक गुरुद्वारे का निर्माण करवा दिया। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस गुरुद्वारे के निर्माण में नगर निगम के भवन शाखा से किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई है। अर्थात यह भवन फर्जी कागजात एवं बिना अनुमति के अवैध ही बन खड़ा हुआ। गुरुद्वारा बनने के पहले इसी स्थल पर दूध डेयरी की दुकान, मोबाइल एवं कॉस्मेटिक की दुकान थी। यहां की दुकानदार इसी दुकान के सहारे अपने परिवार का जीवन यापन किया करते थे। इन दुकानों को खाली कराने के लिए हरियाणा से आए गुंडे अपने बल का भरपूर प्रयोग किया। मामला बिगड़ते देख हरियाणा के दल ने इन दुकानदारों को बहुत कम रुपए देकर खाली करवाया। और यह धमकी भी दिया कि खाली कर दो नहीं तो दुकान का सामान फेंक दिया जाएगा। सिंधी कॉलोनी में रहने वाले कई सिंधी परिवार कॉलोनी स्थित इस गुरुद्वारे से अपनी दूरी बनाए हुए हैं। और वह अपने पारंपरिक गुरुद्वारे में ही जाते हैं। हरियाणा से यहां आकर कीर्तन करने वाले एक कथित व्यक्ति जिसका नाम मनिंदर सिंह खालसा है हरियाणा में इस व्यक्ति का क्रिमिनल रिकॉर्ड है। कहां यह जा रहा है कि यह व्यक्ति वहां का हिस्ट्री शीटर है। वहां अवैध उगाही के साथ ही महिलाओं के साथ अवैध कृत्य के बाद ब्लैकमेलिंग करना भी है। अभी कुछ दिन पहले बिलासपुर के सिंधी कॉलोनी में ठीक गुरुद्वारा के सामने रहने वाली एक शब्द महिला भी इस बदमाश मनिंदर सिंह खालसा के जाल में फंस गई। काफी समय तक उक्त बदमाश ने महिला का शोषण किया और साथ ही ब्लैकमेलिंग किया। मामला सिविल लाइन थाने में गया। पुलिस मनिंदर सिंह खालसा को हिरासत में लिया और प्रकरण जांच में है। हम पुलिस को यह बताना चाह रहे हैं कि इस तरह के संस्थानों की गंभीरता से जांच करें। और ऐसे संस्थानों में जो बाहर से आकर रह रहे हैं उनकी डिटेल निकाले और उनकी गतिविधियों पर नजर रखें। (ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क)

