*शहर की विवाहित युवती आभा का विवाह शून्य करने का कुत्सित प्रयास। सेंदरी स्थित शासकीय मानसिक चिकित्सालय के सलाहकार डॉ आयुष लाल द्वारा आशीष को दिया गया पागल होने का फर्जी प्रमाण पत्र : तपन गोस्वामी [एडिटर इन चीफ ]*
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बिलासपुर (03 अक्टूबर 2025) [तपन गोस्वामी द्वारा] शहर से मात्र 10 किलोमीटर दूर पर स्थित सेंदरी नामक गांव में राज्य के सबसे बड़ी मानसिक चिकित्सालय स्थित है। जो की शासकीय है। इस मानसिक चिकित्सालय में पदस्थ सलाहकार चिकित्सा आयुष लाल के क्रियाकलाप काफी संदिग्ध है। डॉक्टर आयुष लाल के कई प्रकरण न्यायालय में चल रहे हैं। परंतु हमारे न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन टीम के हाथ एक ऐसा प्रकरण लगा है जिससे सेंदरी स्थित राज्य के सबसे बड़े मानसिक चिकित्सालय के विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लग गए हैं।मंगला स्थित अभिषेक बिहार में रहने वाले एवं एफसीआई में कार्यरत भैया राम मिरी की पुत्री आभा का विवाह बिलासपुर वन विभाग में रेंजर के पद पर कार्यरत रेंजर लक्ष्मण दास के पुत्र आशीष से पूरे हिंदू रीति रिवाज से 13 फरवरी 2019 को संपन्न हुआ था। परंतु विवाह के कुछ माह बाद ही आशीष अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया था। वास्तव में आशीष एक अपराधी प्रवृत्ति का युवक है। जरहाभाटा के छठे हुए बदमाशों से उसके गहरे संबंध है। वह कोई कामकाज नहीं करता। शादी के बाद आशीष आभा के परिवार वालों से पैसों की डिमांड करने लगा था। क्योंकि आशीष गांजा भांग एवं प्रतिबंधित कफ सिरप का आदि है। आशीष के पिता लक्ष्मण दास एवं उसकी मां श्रीमती विमला ने मिलकर अपनी बहू आभा को शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना देते रहे हैं। आशीष के परिवार वाले आभा की हत्या की भी प्लानिंग की थी। इस बीच आभा गर्भवती हो गई। वे एक पुत्री को जन्म दिया। इसके पश्चात आशीष के परिवारजन आभा एवं उसकी नवजात पुत्री को घर से निकाल दिया। और इसके पश्चात आभा अपने पिता के घर आकर रहने लगी। इस बीच आशीष के पिता लक्ष्मण दास ने अपने पुत्र को पागल घोषित करने का फूल प्रूफ प्लानिंग किया। और इसके लिए सेंदरी स्थित शासकीय मानसिक चिकित्सालय के सलाहकार चिकित्सा आयुष लाल को सेट किया। उनसे अंडर हैंड डीलिंग कर एक लाख रुपए का घूस देकर अपने पूरी तरह स्वस्थ पुत्र आशीष को फर्जी पागल होने का प्रमाण पत्र बनवा दिया। और यह फर्जी प्रमाण पत्र जिसका की पंजीयन क्रमांक 32567 है मानसिक चिकित्सालय से दिनांक 7 में 2025 को जारीहुआ। अभी आभा एवं आशीष का वैवाहिक मामला कुटुंब न्यायालय बिलासपुर में विचाराधीन है। और आशीष का वहीं फर्जी पागल होने का प्रमाण पत्र कुटुंब में न्यायालय में जमा किया गयाहै। और यहां फर्जी क्रियाकलाप विवाह को शून्य करने के लिए किया गया है। अब हम देखते हैं कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बिलासपुर द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र के खिलाफ क्या एक्शन लेती है। क्या डॉक्टर आयुष लाल क्रिमिनल एंगल में आएंगे? ( ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क)



