शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे नो मेंटेनेंस ! परफेक्ट एंगल नहीं सस्ता कैमरा वाहनों के नंबर एवं संदिग्धों के चेहरे स्पष्ट नहीं। महत्वपूर्ण चौक चौराहों में सीसीटीवी कैमरे खराब : तपन गोस्वामी [ एडिटर इन चीफ ]
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बिलासपुर ( 01 फरवरी 2022)[ तपन गोस्वामी द्वारा ] केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के अपराध मुक्त शहर की कल्पना में सभी चौक चौराहों, कॉमर्शियल संस्थानों एवं शहर के एंट्री एवं एग्जिट प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनी। जिसमें अरबों रुपए खर्च किया गया। बिलासपुर शहर में भी चौक चौराहों में सीसीटीवी कैमरे लगा है। जिसमें केंद्र एवं राज्य सरकार के अलावा एसईसीएल, रेल्वे, सीएमपीडीआई जैसे कई संस्थाओं ने आर्थिक मदद की। परंतु यहां भी कमीशन खोरो ने एचडी कैमरे के नाम से प्रोफेशनल कैमरा नहीं बल्कि घटिया एवं कमजोर कैमरे की खरीदी किए। जिसका खामियाजा आज आम जनता एवं पुलिस विभाग को चुकाना पड़ रहा है। शहर में कई चर्चित अपहरण के वारदात हुए। इसमें सरकंडा के हर्ष देव विक्की केशरवानी अपहरण केस एवं बीजेपी कार्यालय के सामने के कॉलोनी से विराट अपहरण केस की वारदात हुई दोनों अपहरण केस में जब पुलिस चौक चौराहों में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज निकाले तो सभी अस्पष्ट थे आरोपियों के चेहरे साफ नहीं थे एवं वाहन का डिस्क्रिप्शन क्लियर नहीं था यह सब बातें सीसीटीवी कैमरे खरीदी में की गई कमीशन खोरी का ही नतीजा था । रेल्वे स्टेशन के मेन पॉइंट पर सीसीटीवी कैमरा लगा है ध्यान से उनका लेंस देखें तो आपको लगेगा कि लेंस कितना गंदा एवं वर्षों साफ नहीं हुआ। नियम यह है कि पानी बरसात एवं हवा चलने के बाद विभाग के पास रखी ओवरहेड सर्विसिंग व्हीकल से कैमरे के लेंस को साफ करने के साथ ही एंगल भी चेक कर उसे सटीक करें। परंतु ऐसा नहीं होता। शहर में कोई वारदात होने के बाद थानों में पदस्थ स्पेशल टीम घटनास्थल में लगे कैमरे के मॉनिटर से फुटेज निकालता है परंतु पुलिस का स्पेशल टीम के स्टाफ कैमरे की कमजोरियों को अपने अधिकारियों को नहीं बताते जिसमें क्राइम इन्वेस्टिगेशन में काफी परेशानी आती है। शहर के कई महत्वपूर्ण चौक चौराहों में सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं। पुलिस के स्पेशल टीम के स्टाफ अपने अधिकारियों को इन खराब कैमरो की जानकारी भी नहीं देते। प्रशासन को सीसीटीवी कैमरे की खरीदी में स्टैंडर्ड डे नाइट के साथ ही हाई रेजुलेशन का ध्यान रखना पड़ेगा और साथ ही चालू कैमरे के माइनर मेंटेनेंस की भी जरूरत है। ( ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क )

