Recent Posts

करप्ट मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट है तहसीलदार एवं राजस्व अमला। अधिवक्ताओं को सम्मान दें उन से भिड़ने का प्रयास ना करें। सरकारी जमीनों को बेच दी राजस्व अमला ने: तपन गोस्वामी [ एडिटर इन चीफ ]

1 min read

बिलासपुर ( 19 फरवरी 2022) [ तपन गोस्वामी द्वारा ] न्याय प्रणाली की रीड की हड्डी कहे जाने वाले अधिवक्ताओं ने तहसीलदार एवं अन्य राजस्व कर्मियों के दुखती रग पर क्या हाथ रख दी की पूरे प्रदेश का राजस्व अमला बिलबिला उठा। कहावत है कि अधिवक्ता, डॉक्टर एवं जासूस टाइप पत्रकारों से कभी मत लगो। क्योंकि आप अधिवक्ता से लगेंगे और आप कितने भी प्रभावशाली क्यों न हो उनके कानूनी पिस्टल से निकली बुलेट से पूरे शरीर को छेद कर देंगे। वही स्थिति डॉक्टर की भी। है उनसे आप लगोगे तो मेडिकल साइंस आपके शरीर को नर कंकाल में बदल देगा। और पत्रकार वह तो और भी खतरनाक है इनसे लगोगे तो इनके कलम में तो सबकी रियल स्टोरी फ्रिज रहती है एक बार कलम उगलना शुरू किया तो बवंडर मचा देगा। रायगढ़ राजस्व अमले का अधिवक्ताओं से असम्मान करना और उनसे बदतमीजी करना अब राजस्व अमले को भारी पड़ गया। मामला मान: उच्च न्यायालय तक पहुंच गया। अधिवक्ताओं ने राजस्व महकमे से भ्रष्टाचार मिटाने का बिगुल फूंक दिया। इससे पूरे राज्य के तहसीलदार एवं पूरा राजस्व अमला राज्य शासन एवं आम जनता के टार्गेट में आ गया। प्रतिदिन अधिवक्ताओं के पास राजस्व अमले के खिलाफ हजारों शिकायतें पहुंचने लगी। और वह भी प्रमाण के साथ। अपने आप को इमानदार कहने वाले बिलासपुर राजस्व अमले की रियल स्टोरी हम बता रहे हैं। तहसीलदारों एवं यहां के कर्मियों का पेट अब शासन द्वारा दिए गए वजनदार वेतन से नहीं भर रहा है। इस कारण यह शहर के भू माफियाओं से मिलकर सरकारी जमीने बेचने में लगे हैं। सरकंडा के चटर्जी गली प. ह.न.32 खतरा न.1125/66 रकवा 0.015 एवं मोपका की सरकारी जमीन 993 (1) ( भ) मात्र एक उदाहरण है। यदि परफेक्ट इन्वेस्टिगेशन हो तो अधिवक्ताओं से अनावश्यक भिड़ने वाले तहसीलदारों एवं राजस्व अमले को भा. द.बी की धारा 420,467,468,120(बी) से कोई नहीं बचा सकता।( ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क )

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *