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निगम के फर्जी डिग्री धारी इंजीनियर नहीं बुझा पा रहे हैं शहर की प्यास। नगर निगम कॉलोनी, वीआईपी कॉलोनी, न्यायालय अधिकारी एवं कर्मचारी कॉलोनी को छोड़कर पूरे शहर में पानी का हाहाकार : तपन गोस्वामी [एडिटर इन चीफ ]

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बिलासपुर (9 अप्रैल 2022 ) [तपन गोस्वामी द्वारा ] शहर में 70 वार्ड, 1052 बोर एवं 52 टंकियां यह नगर निगम का पुराना सेटअप है। शहर की आबादी बढ़ी एवं वार्ड बढ़े और साथ ही बढ़ा नगर निगम का फंड परंतु समस्या जहां से शुरू हुई थी वहीं आकर समाप्त हो गई। अभी गर्मी सिर्फ दस्तक दी है इसमें शहर का हाल बेहाल हो गया। अधिकारियों द्वारा नागरिकों को स्मार्ट सिटी का सपना दिखाया जा रहा है। परंतु अधिकारीगण यह नहीं जान रहे हैं कि वह किस धरातल पर खड़े होकर बिलासपुर की जनता को बेवकूफ बना रहे हैं। एक साधारण समस्या पीने के पानी की उसे तो अधिकारी दूर नहीं कर पा रहे हैं राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर न्याय धनी बिलासपुर में अभी भी सुबह से ही मुहल्लों की महिलाएं एवं बच्चे पानी की तलाश में भटकते दिख जाते हैं। महिलाओं का पूरा समय पानी के टैंकर का इंतजार करते बीत जाते हैं। शहर के पॉस कॉलोनियों की बात करें तो वहां 4/5 बोर पानी सप्लाई कर रहे हैं। परंतु शहर का 55% आबादी नगर निगम के पानी सप्लाई पर निर्भर है। छोटे शहरों में भी आजकल निगम 24 घंटे पानी की सप्लाई करते हैं परंतु बिलासपुर शहर में 24 घंटे की बात तो छोड़ो दोनों टाइम मिलाकर 5 घंटे भी पानी सप्लाई नहीं हो पा रहा है। पूरा देश जहां स्मार्ट वॉटर मीटर एवं 24 घंटे पानी की सुविधा पा रही है वही बिलासपुर शहर अभी भी वाटर टैंकर पर आश्रित है। नगर निगम के इंजीनियरों का कमाल तो देखिए वे अपने नगर निगम कॉलोनी, वीआईपी जोन, सरकारी कोलोनिया, न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारी निवास में रत्ती भर का भी जल संकट नहीं है। ना जाने वहां पाइप फिटिंग में उनका कौन सा इंजीनियरिंग दिमाग चला जोकि आम आदमी के कॉलोनियों एवं मुहल्लों में पाइप फिटिंग के समय नहीं चला। यदि नगर निगम के इन इंजीनियरों का दिमाग तालापारा, मगरपारा, सरकंडा, जरहाभाटा, व्यापार विहार, ट्रांसपोर्ट नगर, हेमू नगर, बापुनगर में चलता तो आज पानी के लिए हाहाकार नहीं मचता। वर्तमान में नगर निगम के पास जितने भी पानी के टैंकर हैं उनकी स्थिति में बहुत खराब है टैंकरों से अटैच होने वाले कुछ ही ट्रैक्टर चलन में है बाकी सब सड़ रहे हैं। शासन प्रशासन अरबो रुपए खर्च करने के बाद भी बिलासपुर के मोहल्लों में रहने वाली महिलाएं एवं बच्चे सुबह से ही बाल्टी एवं कंटेनर लेकर पानी की तलाश में इधर-उधर भटके तो जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के कार्यशैली एवं उनकी योग्यता पर प्रश्न चिन्ह लगना जायज हैं ।(ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क)

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