प्रभाकर तिवारी, हेमंत आदित्य, बलवीर, बालेश्वर तिवारी, जितेश सिंह, रघुराज सिंह को शामिल करें एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट में तब होगा धरपकड़ : तपन गोस्वामी [ एडिटर इन चीफ ]
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बिलासपुर ( 1 मई 2022 ) [ तपन गोस्वामी द्वारा ] मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आदेश से एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ( ACCU ) का गठन किया गया। इसके गठन के पीछे उद्देश्य स्पेशल क्राइम के तहत अनसुलझे अपराधों का सही अन्वेषण कर अपराधियों को पकड़ना एवं शहर में गंभीर अपराध कर फरार अपराधियों को एवं उनके ठिकाने की तलाश कर पकड़ना। परंतु अब तक नई यूनिट सिर्फ साधारण एवं जमानती अपराध को पकड़ने में लगी है। नए अपराधों का खुलासा करने एवं अपराधियों को पकड़ने एवं शहर में छिपे अपराधियों की पता साजी करने में भी टीम पूरी तरह असफल रही। इसका मुख्य कारण अपराध अन्वेषण, क्रिमिनल फील्डिंग, एवं क्रिमिनल आईडेंटिफिकेशन में टीम के सदस्यों का अनुभव काफी कमी दर्शाता है। इस कारण शहर में रहकर ही खतरनाक अपराधी अपराध को अंजाम दिया और लगातार डकैती एवं फायरिंग में शामिल रहा। क्रिमिनल फिल्डिंग, क्रिमिनल ट्रेसिंग, क्रिमिनल आईडेंटिफिकेशन में पुराने क्राइम ब्रांच एवं साइबर यूनिट के प्रभाकर तिवारी, हेमंत आदित्य, बलवीर, बालेश्वर तिवारी, जितेश सिंह, रघुराज सिंह काफी एक्सपर्ट है। बीते कल कार के शीशे तोड़कर लैपटॉप एवं पैसे निकालने वाले नागपुरी गिरोह की पहचान पुराने क्राइम ब्रांच के एक स्टाफ ने अपने अनुभव के आधार पर की जिससे पूरा गिरोह पकड़ा गया। बिलासपुर शहर एवं आसपास अभी बाहरी खतरनाक अपराधी, चोरी लूट एवं उठाई गिरी के कई गिरोह शरण लिए हुए हैं। और मौका मिलते ही अपने कारनामे दिखा रहे हैं यह नागपुरी गिरोह है। यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भय से बड़े अपराधी एवं गैंगस्टर बिलासपुर में अपना ठिकाना बनाए हुए हैं समय पर वह भी अपना कारनामा दिखाएंगे। इस कारण स्पेशल क्राइम इन्वेस्टिगेशन टीम को पुराने एवं अनुभवी पुलिस स्टाफ की जरूरत है। ( ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क )

