*एसईसीएल के कोयले के साथ ठगी, धोखाधड़ी करने वाले बेईमान कोल कारोबारीयो पर रहेगी विजिलेंस की जासूसी नजर। एसईसीएल के कुछ सस्पेक्टेड स्टाफ है विजिलेंस के टार्गेट में : तपन गोस्वामी [एडिटर इन चीफ ]*
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बिलासपुर (18 मार्च 2025) [तपन गोस्वामी द्वारा] एसईसीएल मुख्यालय के विजिलेंस सेल कोयले के साथ मुनाफाखोरी, रॉन्ग स्टैंडर्ड वर्क, कोयले के नाम से एसईसीएल की प्रतिष्ठा पर चोट पहुंचाने वाले बेईमान तत्वों के खिलाफ एसईसीएल सतर्कता के विभाग पूरे एक्शन में है। एसईसीएल के विजिलेंस सेल तथा क्वालिटी कंट्रोल टीम के लगातार मेहनत से कोयले के गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है। और इससे कंपनी को 53 करोड रुपए का शुद्ध मुनाफा हुआ है। इस संबंध में एसईसीएल विजिलेंस टीम स्पॉट में जाकर लगातार कार्रवाई कर रही है। एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अक्टूबर 2024 से 2025 के मध्य कोयले के गुणवत्ता में आश्चर्यजनक 20% का इजाफा हुआ है। और यह कोल क्वालिटी के सुधार के मिशन में एसईसीएल विजिलेंस टीम में क्वालिटी कंट्रोल डिपार्मेंट तथा फील्ड ऑफिसर्स का बहुत बड़ा योगदान रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पहले एसईसीएल के कोयला खानों से निकलने वाले कोयले के साथ धोखेबाज कारोबारी रास्ते के किनारे अवैध कोयला डिपो बनाकर इसी कोयले को ऊंची रकम में ब्लैक में बेचकर काफी गेम खेलटी थे। वर्षों से बंद पड़े फैक्ट्रीयो के नाम से करोड़ों रुपए के कोयला मंगा कर उसे ब्लैक में बेचते थे। यह बंद पड़े फैक्ट्री वाले कोयले के दलाल देश के प्रतिष्ठित कोल कंपनी एसईसीएल के कोयले के गुणवत्ता के साथ भी गेम करते थे। रोड के किनारे अवैध रूप से संचालित होने वाले कोयला डिपो के कोयले में फूल प्रेशर पानी डालकर उसका वजन बढ़ाकर बड़े-बड़े कंपनी में भेजते थे। जिस के कोयले के गुणवत्ता में काफी गिरावट आई थी। और ऐसे में एसईसीएल की प्रतिष्ठा में भी आंच आई थी। परंतु अब ऐसा नहीं है अब कोयले के खुदाई, वजन, लदान, क्वालिटी कंट्रोल, स्टैंडर्ड बिक्री से लेकर उन सभी बातों पर विजिलेंस टीम की पैनी नजर है जिससे एसईसीएल के प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है। एसईसीएल के मुख्यालय स्थित एक्टिव विजिलेंस टीम अब अपने चेंबर में बैठकर ए.सी की हवा नहीं खाती है बल्कि पूरी टीम एवं अत्याधुनिक उपकरण के साथ कोयला उत्पादन करने वाले क्षेत्र में दौरा कर रही है। अब समय बदल गया है अब कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं है। वैसे कोल फील्ड्स के कुछ सस्पेक्ट स्टाफ की भी जांच करवाई जा रही है। जो की बेईमान कोल कारोबारीयो से मिले हैं। ( ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क)

