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*सुलोचनी देवांगन संदेहास्पद मृत्यु प्रकरण। सीन ऑफ क्राइम में फॉरेंसिक टीम के साथ सिम्स के फोरेंसिक विभाग के डॉक्टर का पहुंचना जरूरी है। पीएम करने वाले डॉक्टर फांसी के डीप तक नहीं पहुंचाना चाह रहे हैं। पुलिस के रिक्विजिशन को डॉक्टर फाइनल रिपोर्ट में तब्दील कर रहे हैं: तपन गोस्वामी [एडिटर इन चीफ ]*

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बिलासपुर (19 अप्रैल 2025) [तपन गोस्वामी द्वारा] थाना सरकंडा के लिङ्गीया डीह के श्याम नगर में रहने वाले कारोबारी अंकित देवांगन की 22 वर्षीया पत्नी श्रीमती सुलोचनी देवांगन के साथ दिनांक 5 अप्रैल 2025 को देर रात क्या हुआ था? यह तो पुलिस के लिए जांच का विषय है। परंतु सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अंकित देवांगन की 22 वर्षीया पत्नी की लाश अत्यंत संदेहास्पद परिस्थितियों में अंकित के घर मे जमीन पर पड़ा पाया गया। अंकित सबसे पहले अपने ससुराल बलौदा बाजार अपनी सास श्रीमती सीता देवांगन को घटना की जानकारी दी और इसके बाद थाना सरकंडा में पुलिस को जानकारी दी। अंकित देवांगन का पुलिस को कहना है कि उसकी पत्नी सुलोचनी ने फांसी लगा ली और यही जानकारी अंकित ने अपने ससुराल वालों को दी। हमारी न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन टीम ने भी घटनास्थल का अवलोकन किया और पाया कि सुलोचनी की लाश फंदे के बजाय जमीन पर पड़ा पाया गया। मृतका सुलोचनी के पति अंकित का कहना है कि फंदा काफी कमजोर था इस कारण सुलोचनी नीचे गिर गई। गिरने के पहले ही उसकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस का इन्वेस्टिगेशन शुरू हुआ। पुलिस को अंकित ने जानकारी दी की फांसी लगाने के पहले उनकी पत्नी सुलोचनी ने कमरे का दरवाजा बंद कर ली थी और उसमें कुंदा चढ़ा लिया था। परंतु पुलिस की जांच में कमरे का दरवाजा खुला पाया गया था। इस संबंध में अंकित का कहना है कि जिस कमरे में सुलोचनी ने फांसी लगाई है उसमें लगे दरवाजे को यदि अंदर से बंद कर उसमें कुंदा को चढ़ा ले और यदि बाहर से दरवाजा को खींचे तो कुंदा अपने आप रिलीज हो जाता है। और दरवाजा खुल जाता है। अब पुलिस को यह देखना है कि मृतिका का पति अंकित कितना सच बोल रहा है? पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर पंचनामा वगैरा बनाकर डॉक्टर को मर्ग इंटीमेशन भेजा। पुलिस ने रिक्विजिशन फॉर्म लिखा है कि घर में एक महिला की डेड बॉडी पाई गई। रितिका का पति ने फांसी लगाकर मौत होना बताया। परंतु कोई सुसाइडल नोटिस नहीं मिले। और लाश को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया। पुलिस एवं मृतका सुलोचनी के घर वाले आने से पहले ही मृतका के पति अंकित देवांगन में घटनास्थल का काफी छेड़छाड़ किया। डेड बॉडी में चद्दर डाला और फिर उसे हटा दिया। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग हमारे पास सुरक्षित है। घटा स्थल में सुसाइडल नोट नहीं मिले। परंतु आज के समय में यह आवश्यक नहीं है कि सुसाइडल नोट प्राप्त हो। पुलिस एवं पीएम करने वाले डॉक्टर मिलकर ही कोई निर्णय पर पहुंचते हैं। शहर में अभी प्रतिदिन फांसी से मरने वालों की संख्या में काफी इजाफा हो रहा है। शहर का बहु चर्चित हाई प्रोफाइल डॉ पूजा चौरसिया मौत के मामले में पुलिस का इन्वेस्टिगेशन काफी कमजोर रहा। हैंगिंग और स्ट्रैंगुलेशन के मध्य झूलते हुए डॉक्टर ने अंतत इसे फांसी करार दिया था। मैंने सुलोचनी के मृत्यु प्रकरण के संबंध में थाना प्रभारी सरकंडा से जानकारी प्राप्त की तो उन्होंने बताया कि अभी भी पीएम रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुआ है। परंतु डॉक्टर का अभिमत हैंगिंग की और इंगित कर रहा है। मृतिका सुलोचनी के परिजन इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायनेश सिंह को शिकायत पत्र दी है। इस संबंध में हमारा मत है कि पीएम करने वाले चिकित्सक फांसी के डीप तक जाने का प्रयास करें। हो सकता है कि उनकी थोड़ी सी मेहनत फांसी को स्ट्रगुलेशन में बदल सकता है। और डॉक्टर कोर्ट के एवीडेंशियल पूछताछ का सामना करने में अपने आप को सक्षम पाए। (ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क)

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