Recent Posts

*2011 बैच के तेज तर्रार आईपीएस आजाद शत्रु बहादुर सिंह को मिली प्रदेश के इंटेलिजेंस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी। बिलासपुर में एडि एसपी रहते हुए एसईसीएल के वसंत विहार में घटित मर्डर मिस्ट्री , सहित मनेंद्रगढ़ में पकड़ा था बहुत बड़े ट्रक चोर गिरोह : तपन गोस्वामी [एडिटर इन चीफ ]*

1 min read

बिलासपुर (22 अप्रैल 2025) [तपन गोस्वामी द्वारा] प्रदेश के खूंखार से खूंखार एवं खतरनाक अपराधी हमेशा यही मनाते है की उनकी फाइल आईपीएस अजातशत्रु बहादुर सिंह के पास न पहुंचे। यदि उनकी फाइल शत्रु साहब के पास पहुंची तो उस अपराधी के सिर्फ वर्तमान एफ आई आर ही नहीं बल्कि उस अपराधी के क्राइम हिस्ट्री 24 घंटे में अजातशत्रु बहादुर सिंह के टेबल पर होती है। क्योंकि अजातशत्रु की इन्वेस्टिगेशन के साथ-साथ क्रिमिनल नेटवर्क इतना जबरदस्त है कि कोई भी इनके जासूसी नजर से बच नहीं पाते। काफी समय पहले अजातशत्रु बहादुर सिंह की नियुक्ति एडि एसपी के पद पर बिलासपुर हुई थी। बिलासपुर आने के बाद उन्होंने सबसे पहले शहर के कुख्यात अपराधियों की फाइल खोलना शुरू की। उस समय गैंग बनाकर क्राइम करने वाले शंकर माली, संतु माली, बैजू, लियाकत को थाने में बुलाकर वार्निंग दी गई थी कि तुम लोग यदि शहर की अमन चैन बिगाड़ने की कोशिश करोगे तो इसका अंजाम क्या होगा तुम लोगों को अंदाजा नहीं है। इसके बाद सभी अपराधी शहर छोड़ कर भाग गए। अजातशत्रु बहादुर सिंह के कार्यकाल में एसईसीएल के कॉलोनी वसंत विहार में एक अधिकारी की पत्नी की मृत्यु बहुत ही संदेहास्पद परिस्थितियों में हो गई थी। बसंत बिहार के गेट में ड्यूटी देने वाले सिक्योरिटी गार्ड भी काफी असंमजस की स्थिति में थे की कौन कॉलोनी में घुसकर हत्याकांड को अंजाम दिया? समाचार पत्रों में भी इस हत्याकांड को काफी उछाला गया। जांच की कमान एडिशनल एसपी अजातशत्रु ने संभाली। वैसे पुलिस विभाग में यह बात काफी चर्चित है कि शत्रु साहब किसी प्रकरण की फाइल को स्टार्टिंग से नहीं बल्कि एंडिंग से पढ़ना शुरू करते हैं। बसंत विहार कॉलोनी वाले प्रकरण में भी अध्ययन करने पर पता चला कि मृतका का पति जो की एसईसीएल हेड ऑफिस में अधिकारी है वह छुट्टी लेकर अपने गृह ग्राम कर्नाटक गए हैं। परंतु उनकी पत्नी बिलासपुर में ही थी। शत्रु साहब का माथा ठनका। तब तक मृतिका का पति बिलासपुर पहुंच चुके थे। उन्हें बिना डिस्टर्ब किए शत्रु साहब ने उस अधिकारी के खासम खास पर नजर रखनी शुरू की। तो उन्हें पता चला कि उक्त अधिकारी के गांव का एक युवक अनधिकृत रूप से बसंत विहार कॉलोनी में एक बैचलर कर्मचारी के साथ रह रहा है। परंतु घटना के बाद से ही वह युवक गायब था। उस युवक को पकड़ कर लाया गया शत्रु साहब के एक ही थप्पड़ ने वह युवक ने हत्या की पूरी रियल स्टोरी खोल दी। वास्तव में वह अधिकारी ही उस युवक को अपने पत्नी की हत्या कराने की सुपारी दी थी। और रहने की व्यवस्था भी वसंत विहार में कर दी थी। अजातशत्रु बहादुर सिंह के कार्यकाल में मनेंद्रगढ़ से एक बहुत बड़े ट्रक चोरी गिरोह को भी पकड़ा गया था। अब इन्हें राज्य सरकार ने खुफिया तंत्र की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। बहुत ही जल्द बेहतर परिणाम आने लगेंगे। ( ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क)

About The Author

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *