*बिलासपुर रेल्वे के चीफ इंजीनियर विशाल आनंद के खिलाफ जांच सीबीआई ने 45 दिनों में पूरी की। घर के पीछे सीबीआई ने लगाई थी फील्डिंग। 25 फर्जी नियुक्ति की फाइल भी सीबीआई के हाथ लगी : तपन गोस्वामी [एडिटर इन चीफ ]*
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बिलासपुर (26 अप्रैल 2025) [तपन गोस्वामी द्वारा] बिलासपुर रेल्वे का बदनाम शुदा चीफ इंजीनियर विशाल आनंद को घेरने के लिए सीबीआई को 45 दिनों की मेहनत करनी पड़ी। मामला रेल्वे के चीफ इंजीनियर विशाल आनंद एवं उनके भाई कुणाल आनंद का है। दोनों भाई बिलासपुर रेल में अधिकारी केपद पर पदस्थ है। और दोनों मिलकर कई करोड़ का भ्रष्टाचार किया। बिलासपुर रेल जोन के अन्य ठेकेदारों का आक्रोश जगमाल चौक स्थित रेलवे के इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल ठेकेदार झांझरिया एंड कंपनी के खिलाफ है। अन्य ठेकेदारों का कहना है कि जो भी चीफ इंजीनियर या अधिकारी ट्रांसफर होकर बिलासपुर आते हैं झांझरिया एंड कंपनी पैसों एवं हुस्न के बल पर फंसा लेते हैं। झांझरिया कंपनी मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील झांझरिया के साथ चीफ इंजीनियर विशाल आनंद कई बार हिल स्टेशनों में घूमने भी गए। झांझरिया एंड कंपनी के एक पुराना स्टाफ जो काफी समय से उक्त फॉर्म में ईमानदारी से काम कर रहा था उसे सुनील झांझरिया ने अन्य स्टाफ के सामने बहुत ही बेज्जती कर नौकरी से निकाल दिया था। और सीबीआई का छापा इसी गुस्से का परिणाम है। झाझरिया एंड कंपनी जब उस स्टाफ को नौकरी से निकाल दिया था। तो झाझरिया एंड कंपनी के प्रतिद्वंदी ठेकेदारों ने उस स्टाफ को हाथों हाथ लिया। और उसके लिए कुछ रोजगार की व्यवस्था भी की। और वहीं स्टाफ ने सीबीआई को बताया कि चीफ इंजीनियर विशाल आनंद कोई भी हैवी डीलिंग बिलासपुर में नहीं करता है। बल्कि वह डीलिंग के पहले अपने भाई कुणाल आनंद को रांची अपने पैतृक निवास में भिजवाता है। और वहां सिर्फ झाझरिया एंड कंपनी की ही नहीं बल्कि अन्य ठेकेदारों से भी डीलिंग की जाती है। परंतु इस बार कुछ अलग हुआ। झाझरिया एंड कंपनी का पूर्व स्टाफ इस बार कंपनी के एक विश्वस्त्र कर्मचारी मनोज पाठक को रांची भेजने एवं झाझरिया एंड कंपनी का टेंडर डीलिंग के एवज में 32 लख रुपए रिश्वत देने की परफेक्ट एवं फुल प्रूफ जानकारी सीबीआई के पास एडवांस में पहुंच गई। सीबीआई की टीम एक सप्ताह से बिलासपुर रेलवे कॉलोनी के ऑफीसर्स क्वार्टर V/17 ने नजर बनाए हुए थे। सीबीआई टीम विशाल आनंद के घर के पीछे भी फील्डिंग लगाई थी। बिलासपुर से कुणाल आनंद एवं मनोज पाठक के रांची निकालने की जानकारी शत प्रतिशत सही आने पर सीबीआई की रांची यूनिट की टीम को अलर्ट किया गया। और टीम को विशाल आनंद के रांची स्थित पुश्तैनी मकान में पहुंचने के लिए कहा गया। सीबीआई की रांची यूनिट की टीम वहां पहुंचकर फील्डिंग लगाई। और 32 लाख रुपए रिश्वत देते हुए रेड हैंडेड गिरफ्तार कर लिया गया। अभी और भी व्यक्तियों की गिरफ्तारी होगी। यह भी जानकारी आ रही है कि सीबीआई के हाथ विशाल आनंद द्वारा झारखंड के 25 युवकों को फर्जी तरह से नौकरी में लगाने की फाइल भी लग गई है। विशाल आनंद से जुड़े कई ठेकेदार शहर में अंडरग्राउंड हो गए हैं। ( ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नगर न्यूज़ नेटवर्क)

