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*24 घंटे इमरजेंसी ड्यूटी से थक रहे हैं डायल 112 एवं 108 के चालक एवं स्टाफ। कल रात जीडीसी कॉलेज के सामने 3 घंटे गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा था फल विक्रेता युवक : तपन गोस्वामी [एडिटर इन चीफ ]*

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बिलासपुर (30अप्रैल 2025) [तपन गोस्वामी द्वारा] डायल 112 एवं शासकीय एम्बुलेंस सेवा 108 का कार्य बहुत ही काबिले तारीफ है। कहीं कुछ घटना हो, आपराधिक वारदात हो प्रभावित व्यक्ति अपने मोबाइल से 112 डायल करता है और बहुत कम समय में डायल 112 की गाड़ी पहुंचकर मोर्चा संभालती है। इसी तरह 108 की सरकारी एंबुलेंस भी घायल व्यक्ति के पास पहुंचकर शासकीय अस्पताल में भर्ती कर देता है। इनकी सेवाएं 24 घंटे ही एक्टिव रहती है। परंतु सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक व्यक्ति की काम करने की ताकत सीमित रहती है। और उक्त दोनों सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही की गुंजाइश नहीं है। परंतु इन इमरजेंसी स्टाफ एवं सब स्टाफ के लिए आराम की अत्यधिक जरूरत है। और रोटेशन पर अन्य ड्राइवर एवं स्टाफ की ड्यूटी लगाने की जरूरतहै। कल देर रात सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जीडीसी के सामने जरहभाटा मंदिर चौक के फल दुकान लगाकर जीविकापर्जन करने वाले फल विक्रेता हरिओम जब दुकान बंद कर कर लौट रहा था तब तेज रफ्तार एक मोटरसाइकिल चालक ने लापरवाही पूर्वक चलाकर हरिओम को गंभीर रूप से घायल कर फरार हो गया। इस व्यस्ततम रोड पर आने जाने वालों ने रुककर डायल 112 एवं शासकीय एम्बुलेंस सेवा 108 कोकॉल किया। परंतु 2 घंटा बीतने के बाद भी दोनों सेवाए नहींपहुंची। तब एक कार चालक ने गंभीर रूप से घायल फल विक्रेता हरिओम को सिम्स मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। 24 घंटे ड्यूटी करने वाले इन इमरजेंसी सेवाओं के चालक एवं स्टाफ थक जाते हैं। इसलिए इन्हें भी समुचित आराम देने की जरूरतहै। और इमरजेंसी सेवाओं को प्रभावी ढंग से चालू रखने के लिए और भी स्टाफ रखने की आवश्यकता है। (ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क)q

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