*बिलासपुर रेल जोन के पूर्व जीएम नीनू इटियारा एवं वर्तमान जीएम तरुण प्रकाश अनजान नहीं है रेल्वे के इस महा घोटाले से : तपन गोस्वामी [एडिटर इन चीफ ]*
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बिलासपुर (02 मई 2025) [तपन गोस्वामी द्वारा] रेल्वे जोन बिलासपुर के महा भ्रष्ट चीफ इंजीनियर और उसके रेल अफसर भाई आनंद बंधु एवं झांझरिया एंड कंपनी के एम डी सुनील झाझरिया को सीबीआई के स्पेशल क्राइम टू एंटी करप्शन ब्यूरो यूनिट ने रांची में 32 लख रुपए के घूस लेते एवं देते रंगे हाथों पकड़ने की जानकारी जब बिलासपुर रेल जोन के जीएम तरुण प्रकाश के पास आई तो उनके मुंह से निकला की ओ माय गॉड यह तो गलत हो गया। और उधर कुछ माह पहले बिलासपुर रेल जोन से रिटायर्ड हुए जी एम मैडम नीनू के पास सीबीआई एक्शन और गिरफ्तारी की जानकारी पहुंची तो वह काफी परेशान हो गई। और अपने बिलासपुर कांटेक्ट से सीबीआई एक्शन की पल-पल की जानकारी ले रही थी। अब सोचने वाली बात यह है कि बिलासपुर रेल जोन द्वारा 395 करोड़ का ठेका अकेले बिलासपुर के जगमल चौक स्थित कंस्ट्रक्शन कंपनी झांझरिया को दे दिया गया। और सीबीआई के रेड एवं गिरफ्तारी के बाद ओ माय गॉड यह तो गलत हो गया कहने वाले रेल जोन के जीएम तरुण प्रकाश जिन्हे प्रतिमाह कई लाख रुपये वेतन, अन्यसुख सुविधा मिलती है। भारत सरकार ने इन्हें मान प्रतिष्ठा दी है तो क्या उनके नाक के नीचे इतना बड़ा घोटाला संभव है? मुझे घटनाक्रम से यह लगता है कि रेल्वे के दो कौड़ी के सीई विशाल आनंद एवं उसके भाई कुणाल आनंद की इतनी औकात नहीं है कि वे दोनों मिलकर इतना बड़ा कॉन्ट्रैक्ट जीएम तरुण प्रकाश के गैर जानकारी ठेकेदार को दे दे। क्योंकि इसके लिए एक्सपर्ट लोगों की टेंडर कमेटी की मीटिंग होती है। टेंडर जीएम के निगरानी में दिया जाता है। टेंडर के पूरे दस्तावेज विजिलेंस सेल को भेजी जाती है। वहां से दिल्ली स्थित सीबीसी (चीफ विजिलेंस कमेटी) को भेजी जाती है। परंतु क्या इस टेंडर में ऐसा नहीं हुआ? एक कहावत है कि रेल्वे के निर्माण कार्य में क्वालिटी को लेकर कोई समझौता नहीं होता है। क्योंकि कई करोड़ आदमी इस रेल से सफर करते हैं। और सरकार सुरक्षा की गारंटी देती है। अब आम जनता झांझरिया एंड कंपनी के अब तक किए गए निर्माण कार्य की क्वालिटी पर ही सवाल उठा रही है। जब रेल कंस्ट्रक्शन का टेंडरइजेशन हो रहा था उसे समय जीएमबी नीनू मैडम क्या कर रही थी? कहीं ऐसा तो नहीं है रिटायर्ड के समय बड़ी संपत्ति बनाने के चक्कर में वह इस घोटाले में शामिल थी। आने वाले समय में सीबीआई की जांच की आंच वर्तमान जीएम तरुण प्रकाश पर आने की भी संभावना है। (ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क)

