*जीपीएम के वरिष्ठ पत्रकार कृष्णा पांडे के पुत्र गोविंद पांडे की तिल्दा में नृशंस हत्या। पुलिस वास्तविक आरोपियों को बचाने के चक्कर में चिंदी चोरों को हिरासत में लेकर उन पर मर्डर का चार्ज लगाया: तपन गोस्वामी [एडिटर इन चीफ ]*
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बिलासपुर (04 मई 2025) [तपन गोस्वामी द्वारा] हमेशा से पत्रकारों के हित में आवाज उठाने वाले जीपीएम के निर्भीक एवं ईमानदार पत्रकार कृष्णा पांडे के युवा पुत्र गोविंद पांडे की नृशंस हत्या 29 अप्रैल 2025 के दरमियानी रात को घातक हथियारों से लैस बंगाल के कुछ खतरनाक अपराधी युवकों द्वारा योजना बद्ध तरीके से कर दिया गया। हत्या करने के बाद गोविंद पांडे की लाश तिल्दा नेवरा की सीर्वे खार में फेंक दिया गया। घटना की जानकारी देर रात एडि एस पी ओम चंदेल ने मृतक के पिता कृष्णा पांडे को दी। मृतक शारीरिक रूप से मजबूत कद काठी एवं ईमानदार था। अपने पसंद के अनुसार वे सिक्योरिटी स्टाफ का कार्य चुना गोविंद पांडे की एक स्वयं की सिक्योरिटी एजेंसी है। परंतु अनुभव प्राप्त करने के लिए वह यह कार्य कर रहा था। गोविंद पांडे तिल्दा नेवरा के घुल घुल कोहपा में कान्हा राइस मिल में मुख्य सिक्योरिटी पर्सनल के रूप में नियुक्त थे। कान्हा राइस मिल अंडर कंस्ट्रक्शन राइस मिल है। और इस दौरान वहां ड्यूटी रत सिक्योरिटी स्टाफ की जिम्मेदारी काफी बढ़ जाती है। क्योंकि रॉ मैटेरियल एवं बिलों की प्रॉपर एंट्री, इनवर्ड रजिस्टर, और यदि कुछ खराब सामान आ गए तो उसकी आउटडोर एंट्री के साथ ही मजदूर एवं स्टाफ रजिस्टर में एंट्री के साथ ही रॉ मैटेरियल एवं अन्य सामानों की निगरानी का भी काम सिक्योरिटी स्टाफ का ही है। तिल्दा नेवरा के इस राइस मिल में पदस्थ सिक्योरिटी पर्सनल गोविंद पांडे के पास यह जानकारी आई थी कि निर्माणाधीन राइस मिल में कुछ दुष्ट कर्मचारी रॉ मैटेरियल जैसे कि सीमेंट, लोहे का छड़ चोरी कर रहे है। और सिक्योरिटी स्टाफ गोविंद पांडे ने इन सबको पकड़ लिया था। गोविंद पांडे के इस एक्शन से सब बदमाश स्टाफ बहुत परेशानथे। वह गोविंद पांडे से इस मैटर पर समझौता करने के लिए दबाव बना रहे थे। परंतु गोविंद पांडे ने किसी भी तरह का समझौता करने से इनकार कर दिया था। और टसल यहीं से शुरू हुई। और मौके का फायदा उठाकर गोविंद पांडे की हत्या कर दी गई। गोविंद पांडे की हत्या में यह महत्वपूर्ण चीज है कि जब बदमाश गोविंद पांडे पर कातिलाना हमला कर रहे थे तब उन्होंने अपने मोबाइल से 112 को फोन कर घटना स्थल पर तुरंत पहुंचकर जान बचाने के लिए कहा। एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इस हत्याकांड में तिल्दा पुलिस का इन्वेस्टिगेशन गलत एंगल पर चला गया। गोविंद पांडे की हत्या एक सोंची समझी साजिश के तहत की गई है। कुछ बदमाश युवक जो कि बंगाल के हैं उनके द्वारा ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। परंतु पुलिस कुछ चिंदी चोरों को पड़कर उन पर हत्या का चार्ज लगा दिया। हमारे न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन टीम घटनास्थल में इन सब बातों का पता लग रही है की क्राइम सीन में एक बदमाश व्यक्ति का आधार कार्ड कैसे पहुंचा? (ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क)

