*शहर की ध्वस्त हुई विद्युत व्यवस्था से त्रस्त नागरिक मई, जून, जुलाई, अगस्त तक विद्युत व्यवस्था पूरी तरह बंद कर देने की बात कही। चार माह तक शहर के नागरिक मोमबत्ती, लालटेन, दिया पर रहेंगे निर्भर: तपन गोस्वामी [एडिटर इन चीफ]*
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बिलासपुर (06 मई 2025) [तपन गोस्वामी द्वारा] हर शनिवार रविवार को मेंटेनेंस के नाम से 5 घंटे बिजली बंद रखने और उसके बाद हल्का हवा का झोंका से अचानक पूरे शहर को अंधेरे में झोंकने वाले छत्तीसगढ़ राज्य पावर वितरण कंपनी आम जनता को सुचारू रूप से बिजली सप्लाई करने में पूरी तरह नाकाम रही है । बिजली बंद होने पर आक्रोशित जनता सब स्टेशन में तैनात ठेकेदारी प्रथा का कुपोषण से शिकार कर्मियों से गाली गलौज एवं हाथा पाई कर अपना गुस्सा शांत कर लेते हैं। परंतु आश्चर्य की बात यह है कि तीन से चार लाख रुपए प्रति माह वेतन पाने वाले विद्युत मंडल के इन अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंगती। गर्मी के सीजन आने के तीन माह पहले से ही विद्युत मंडल द्वारा तार के ऊपर पेड़ की डगलिया काटने ट्रांसफार्मर का ऑयल चेंज करने की मुहिम शुरू कर दी जाती है। परंतु इतनी तैयारी के बावजूद हवा के एक माइनर अटैक से विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है। हमने इस संबंध में कुछ जानकारियां प्राप्त की है जिससे ज्ञात हुआ कि मेंटेनेंस के नाम से जो तैयारी चलती है वह सिर्फ दिखावा है। और एक जानकारी यह भी आई है कि मेंटेनेंस के नाम से विद्युत मंडल के कुछ बदनाम शुदा अधिकारी होटल में जाकर अय्याशी ही करते हैं। तिफरा स्थित विद्युत मंडल का हाल यह है कि कार्यालय में पदस्थ बाबू से लेकर अधिकारी सिर्फ बिल्डर, कॉलोनाइजरो के फाइल निपटाते देखे जाते हैं। और इस इस में जो काली कमाई होती है और उसमें जो रकम आते हैं वह अधिकारियों तक पहुंचाने एवं फाइल में लगी गलत ऑर्डर बनाने का काम विद्युत मंडल में लंबे समय तक सदस्य बाबू लोग करते हैं। वेतन के अलावा जो एक हैवी रकम घुस के रूप में इन अधिकारियों के पास पहुंचती है तो इन अधिकारियों को शहर की जनता के परेशानी से क्या मतलब इंदु चौक पर लगे सब स्टेशन इस उद्देश्य से बनाया गया था ताकि जरहभाटा, मंदिर चौक, अरफा होटल, सिंधी कॉलोनी का कुछ भाग को अलग किया जा सके ताकि इंदु चौक, वीआईपी एरिया, मगरपारा सहित अन्य मोहल्ले में विद्युत सप्लाई अवरुद्ध न हो सके। परंतु यह देखा गया है कि इंदु चौक में जब से सब स्टेशन बना है आए दिन बिजली गुल रहती है। इसका मुख्य कारण इस सब स्टेशन में अनस्किल्ड ठेका कर्मियों द्वारा कार्य कराया जाना है। और इसका दुखद परिणाम आम जनता को झेलना पड़ रहा है। और एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि इंदु चौक स्थित सब स्टेशन में जरहा भाटा के छठे हुए बदमाशों का अड्डा रहता है। रात को यहां बेधड़क दारूखोरी चलती है। बिजली बंद होने पर नागरिकों के फोन यहां पदस्थ अटेंडर द्वारा रिसीव नहीं किया जाता है। फोन को जानबूझकर व्यस्त कर दिया जाता है। विद्युत विभाग से त्रस्त बिलासपुर के नागरिकों का कहना है कि विद्युत मंडल के अधिकारी एक हल्का हवा का झोंका नहीं सह पाते हैं तो वर्ष के तीन माह क्या होगा? इसका एक ही तरीका है जिससे जनता भी परेशान नहीं होगी और अधिकारी मौज मस्ती में रहेंगे इसके लिए तीन माह विद्युत व्यवस्था रोककर उसे स्थाई रूप से बनाने का प्रयासकरें। शहर की जनता तीन माह मोमबत्ती, लालटेन, दिया से अपना गुजारा कर लेगी। ( ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क)

