*एस डी एम के नाक के नीचे तहसील कार्यालय में संचालित हो रहे हैं गुंडों का साइकिल स्टैंड। कथित ठेका मार्च में समाप्त परंतु अधिकारी चुप। एक फर्जी वकील अजय बोबर्ड भी लूट रहा है लोगों को: तपन गोस्वामी [एडिटर इन चीफ ]*
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बिलासपुर (13 मई 2025) [तपन गोस्वामी द्वारा] तहसील कार्यालय के गेट से एंट्री होते ही आप देखेंगे एक लोहे का बैरियर लगाकर उसे चेक पोस्ट का स्वरूप दिया गया। एक छोटी सी गुमटी भी है और बाहर एक कुर्सी और टेबल लगाकर एक युवक बैठा रहता है। उसके कुछ गुंडे टाइप युवक जो वह काम पर लगा रखा है यह सब साइकिल, टू व्हीलर, फोर व्हीलर के पर्ची काटने के नाम से फूल गुंडई करते है। और कहता है कि गुंडागर्दी के आरोप में यह सब कई बार जेल में जा चुकेहैं। और यदि आप अपने वाहनों के पर्ची नहीं कटवाएंगे तो तुम्हारी हम धुनाई करदेंगे। प्रतिदिन इसी तरह से तहसील कार्यालय में हुज्जत बाजी होती रहती है। महिलाओं एवं युवतियों से भी साइकिल स्टैंड वालो द्वारा बदतमीजी की जा रही है। एसडीएम के पावर से शहर के गुंडे बदमाश थर-थर कापते है। परंतु उन्ही के नाक के नीचे कार्यालय में संचालित हो रहे हैं अवैध साइकिल स्टैंड। इस अवैध साइकिल स्टैंड में बाकायदा वाहनों के स्टैंड के रेट लिस्ट लिखे हैं। परंतु इनका कोई स्टैंड नहीं है यह स्टैंड वाले सिर्फ गुंडागर्दी के बल पर वाहनों के एंट्री वसूल रहे हैं। इस संबंध में हमारे न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन टीम ने तहसील कार्यालय में साइकिल स्टैंड के विषय में पता साजी की तो तहसील के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा गया कि यह साइकिल स्टैंड का चार्ज ले रहा है या सिर्फ तहसील कार्यालय में घुसने का एंट्री वसूल रहा है। क्योंकि तहसील परिसर में कोई सिस्टमैटिक वाहन स्टैंड नहीं है। तो फिर के नाम से वसूली क्यों? हमारे जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी आई है कि इस अवैध साइकिल स्टैंड का कथित ठेका मार्च माह में समाप्त हो चुका है। और किसी नेता के रहमो करम पर यह वाहन स्टैंड चल रहा है। अब एक दूसरा मामला इसी तहसील कार्यालय का है जहां एक फर्जी वकील प्रतिदिन यहां आने वाले व्यक्तियों से यह कहकर रकम वसूल रहा है कि हम तुम्हारा नामांतरण, रजिस्ट्री, सीमांकन, बटवारा नामा करवा देंगे। परंतु यह फर्जी वकील मोबाइल नंबर किसी को नहीं देता है। एक बार पैसा पाने के बाद वह कुछ दिन के लिए गायब हो जाता है और फिर आकर बैठ जाता है और आदमियों को बेवकूफ बनाता है। हमने इस फर्जी वकील के विषय में पता साजी की तो इसका नाम अजय बोबेर्डे होना पाया गया। यह वकील नहीं है बल्कि एक शिक्षा कर्मी है और इसकी नियुक्ति खरसिया में है। वह ड्यूटी नहीं जाता है बिलासपुर में विवेकानंद कॉलोनी मोपका में एक घर लेकर रखा है और वहीं रहकर जमीन की दलाली करता है। अजय नाम के इस फर्जी वकील से वे सभी वैध डिग्री धारी वकील परेशान है जिनका मोबाइल नंबर वह उन लोगों को देखकर रखा जिनसे काम के एवज में फीस लेकर घुमा रहाहै। इसी तरह की कई फर्जी वकील न्यायालय में भी घूम रहे हैं। इन पर कार्रवाई होने की आवश्यकता है। (ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क)

