*तोरबा के मुख्य मार्ग स्थित कथित नाग माता क्लिनिक में आठवीं फेल फर्जी डॉक्टर एसके मजूमदार कर रहे हैं मरीजों की चीरा फारी। सीएमएचओ डॉ प्रमोद तिवारी के पास पहुंची शिकायत : तपन गोस्वामी [एडिटर इन चीफ ]*
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बिलासपुर ( 16 अप्रैल 2025) [तपन गोस्वामी द्वारा] अपोलो का फर्जी चिकित्सक नरेंद्र विक्रमादित्य यादव का केस तो काफी हाई प्रोफाइल था। जिसे मध्य प्रदेश एवं यूपी पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन के बाद पकड़ कर जेल में डाला गया। इसी तरह बिलासपुर शहर एवं आसपास भी फर्जी डॉक्टरो कि भर मार है। गांव की बात तो दूर बिलासपुर शहर और वह भी मुख्य मार्ग के किनारे तो फर्जी डॉक्टर बे धड़क अपनी क्लिनिक चला रहे हैं। ऐसे ही एक फर्जी डॉक्टर है एसके मजूमदार। जो कि तोरवा के मुख्य मार्ग के किनारे काफी वर्षों से नाग माता नाम से क्लीनिक चला रहे हैं। वह अपने आप को बंगाल का मेडिकल डिग्री होल्डर बताते हैं। नाग माता क्लिनिक के एसके मजूमदार अपने अस्वच्छ क्लीनिक में बिना स्टेरलाइज उपकरणों के सहारे साधारण पाइल्स, इनफेक्टेड पाइल्स, घाव की सर्जरी सहित अन्य कई एलोपैथिक इलाज करते हैं। मरीज को जल्द आराम दिलाने के लिए यह डॉक्टर धड़ाधड़ इंजेक्शन लगाते हैं। कुछ समय पहले कथित डॉ एसके मजूमदार के इंजेक्शन लगाने से एक महिला की तबीयत काफी बिगड़ गई थी। बाद में उस महिला की मृत्यु भी हो गई थी। बाद में मनी सेटिंग से मामला दबा था। पहले फर्जी डॉक्टर एसके मजूमदार तोरवा स्थित क्लीनिक का नाम नाग माता क्लिनिक रखा था। परंतु जब प्रशासन फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ एक्शन में आए और प्रतिदिन शहर एवं गांव मिलाकर पांच फर्जी क्लिनिक सील हो रहे थे तो एस के मजूमदार नाग माता क्लिनिक का नाम बदलकर नाग माता हर्बल पॉइंट रख लिया। किसी बुद्धिमान व्यक्ति ने अनपढ़ फर्जी डॉक्टर एसके मजूमदार को सलाह दिया कि हर्बल इलाज के लिए शासन से कोई प्रतिबंध नहीं है। परंतु सवाल यह है कि आठवीं फेल फर्जी डॉक्टर एसके मजूमदार किस पद्धति से हर्बल प्रोडक्ट तैयार करता है? या मरीजों का इलाज करता है? इस संबंध में हमारी न्यूज़ इन्वेस्टिगेशन टीम ने तोरवा स्थित नागमता क्लीनिक के विषय में जानकारी एकत्र की तो पता चला कि मरीजों के इलाज अभी भी अवैध रूप से एलोपैथिक पद्धति से किया जा रहा है। और फर्जी डॉक्टर मजूमदार के पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं है बल्कि वह आठवीं फेल है। और यह भी पता चला कि अभी भी इलाज में यह फर्जी डॉक्टर चाकू छुरी, एलोपैथिक इंजेक्शन का हेवी डोज मरीजों को देते हैं। और एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी है कथित फर्जी डॉक्टर एसके मजूमदार का मकान का निर्माण पूरी तरह से अवैध है। बिना निगम के अनुमति के निर्माण कार्य किया गया। इस फर्जी डॉक्टर की शिकायत सीएमएचओ डॉ प्रमोद तिवारी के पास पहुंच चुकी है। इस पर जल्दी ही एक्शन होने की संभावना है। (ब्यूरो रिपोर्ट जासूसी नजर न्यूज़ नेटवर्क)

